शनिवार, 26 जनवरी 2008

लाख और खाक

पिछले हफ्ते जो कुछ भी स्टाक बाजार में हुआ, एक झक-झोरने वाले सच से ज्यादा दुर नहीं था । डे ट्रेडींग करने वालों के लिए तो मानो खुन कि होली ही था ।
छोटे निवेशको का भी बुरा हाल रहा । इन सब से तो एक ही सीख मिलती है कि बिने सोचे समझे सटॉक बाजार में पैसा लगाना सट्टे बाजी से कम नहीं ।

और आज बाजार एक कीर्तिमान बनाते हुए, एक दिन मे 1000 से ज्यादे कि उछाल के साथ जब बंद हुआ , तो मानो लगा ही नही कि दो दिन पहले ही बाजार मे मातम का माहौल था । निवेशको का विश्वास लौटने मे कुछ समय तो जरुर लगेगा । भारत की आर्थिक-स्थिति , जानकारों के नजर मे इस साल अच्छी रहने कि संभावना है , इस कारण बाजार में इस साल भी हलचल बनी रहेगी ।

पूर्ण-विराम