आज फिर से भ्रूण-हत्या संबंधी एक खबर आई है कि " दिल्ली में एक डॉक्टर ने अपनी पत्नी को घर से निकाल दिया क्यों कि उसकी पत्नी ने जुङवाँ लङकी को जन्म दिया " । दोनों दम्पति डॉक्टर है और सास ससुर भी पढे-लिखे हैं । बहु के माँ बनने की खबर पा कर सास ने जबरदस्ती लिंग जाँच करवाया और जब पता चला की दो लङकीयाँ है , तो पहले पेट मे ही एक को मारने के लिय बात हुई । लेकिन पत्नी तैयार नहीं हुई और दोनो को जन्म दिया , और उसके बाद सबने मिलकर बहु को घर से निकाल दिया ।
यह समाचार पढ कर तो मन मे आक्रोश का उफान भरने लगा । मैने सुना है कि एक माँ ही माँ का दर्द समझ सकती है , तो फिर एक सास अपनी बहु का मन क्यो नही समझ सकती । फिर मन में उस माँ के लिय आदर और सम्मान का भाव उभरा जिसने इन सबके बावजूद बच्चीयों को जन्म दिया । ऐसी माँ तू धन्य है ।
सोमवार, 17 मार्च 2008
एक माँ ऐसी भी
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4 comments:
आप की बात सही है लेकिन कईं घरों मे आज की मोड कहलानें वाली बहूएं फिगर को बचाएं रखनें की खातिर यही सब कर रही हैं।मैं कै ऐसे लोगो को भि जानता हूँ जहाँ सास ने बहू को ऐसा करनें से रोका।जो भी हो लड़कियों के प्रतिऐसी भावनाएं रखना ही गलत है।उसे भी जीनें का हक है।
बहुत ही दुख की बात है एक तो पढे-लिखे होना उस पर एसी हरकते...
ऐसे ही लोगों को पढे-लिखे जाहिल कहा जाता है।
यह कैसी विडंबना है कि स्त्री के ऊपर सबसे क्रूर प्रहार स्त्री ही करती है
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